लड़की और उसकी मौसी के साथ हुई शारीरिक घटना।
एक शाम मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को उसके घर जाते देखा। वहाँ उसकी चाची भी थी। लड़की ने मुझे अंदर आने के लिए कहा, बिना कुछ बताए। चाची हमें देख रही थी, चुपचाप। वो जानती थी कि हम साथ होते हैं। फिर कमरे में क्या हुआ, पता नहीं।?
अर्जुन वर्मा मैं, उम्र इक्कीस के पड़ोस में। पहचान बता दी? हाँ, यही वो शख्स हूं।.
छत्तीसगढ़ के रायपुर में मेरा घर है। ऊंचाई के हिसाब से पाँच फीट छह इंच पर खड़ा होता हूं।.
कई लोग कहते हैं कि मुझमें एक अजीब सा आकर्षण है।
इस वक्त मेरा ध्यान Xxx चाची की कहानी पर है।.
सात महीने पहले की बात है।.
एक दिन मैंने अपनी प्रेमिका के साथ-साथ उसकी चाची के साथ भी संभोग किया।
सुमन मेरी गर्लफ्रेंड है, उसके साथ मैंने कई बार सेक्स किया है।.
उसकी चाची को इस बात का पूरा पता था।.
वो समय आया तो चाची ने हिम्मत दिखाई।
बार-बार देख चुकी थी वो हम लोगों को संभोग करते, शायद तभी से उसके मन में भी मेरे साथ ऐसा करने की इच्छा पैदा हो गई थी।
चाची के बारे में तो मैंने कुछ कहना ही छोड़ दिया।.
उम्र के मामले में संगीता तीस के पास है। वही है चाची, जिनका नाम सुनकर याद आता है।.
शरीर उसका इतना टाइट है कि नजर चली जाती है। फिगर ऐसी कि किसी के पैर भी रुक जाएं। बीच दिन सुमन ने फोन उठाया। बोली, आज घर में सब बाहर हैं। क्या तुम थोड़ी देर आ सकते हो?
तुरंत हाँ कह दी मैंने, क्योंकि हमेशा तैयार रहता था। फिर बस, उठकर तैयारी पूरी कर ली।.
एक दवा खाई, फिर सब कुछ बदल गया।
सुबह-सुबह मैं सुमन के पास पहुँच गया।.
दरवाज़ा खटखटाने के बाद सुमन ने अंदर हाथ डाला। मेरी नज़र उस पर टिक गई, फिर कहीं और नहीं गई।.
मैंने तो उसके साथ पहले भी कई बार ये किया था। फिर भी आज उसका अंदाज़ कुछ नया सा लगा।.
एकदम सही तरीके से उसके 36-28-36 का हिस्सा नज़र आ रहा था।.
वहीं खड़े-खड़े मैंने सुमन को चुम्मा देना शुरू कर दिया। हाथ उसके स्तनों पर जा पहुँचे, धीरे से दबाव डालते हुए।.
धीरे-धीरे सुमन ने भी मेरे साथ चलना शुरू किया, उसका ताप बढ़ने लगा।.
इसके बाद, सुमन ने कमरे में आगे बढ़ने को कहा।.
उसे गोद में उठाते हुए मैंने एक किस शुरू की। फिर चाटते-चाटते आगे बढ़कर कमरे में बिस्तर पर धकेल दिया। ऊपर लेट गया, सब कुछ अपने हिसाब से हलचल में था।.
उसके बाद मैंने सुमन की गोरी चमड़ी पर जैसे पागल होकर चुम्मे खा लिए।
थोड़ी देर के बाद मैंने अपने हाथों से हिलना-डुलना शुरू कर दिया। हाथ सुमन की जाँघ पर आ गए। फिर मैंने उसे धीरे-धीरे छेड़ना शुरू कर दिया।.
उसकी सांसें धुंधली होने लगीं।.
तभी मन में तेजी से आग सी भड़क उठी, कपड़ों को पकड़ के दूर फेंक दिया।.
फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए। पलक झपकते सारा शरीर खुला हो गया।.
बिस्तर पर सुमन का शरीर फैला हुआ था।.
उसकी छाती पर मुँह ले जाकर मैंने सिर झुका दियa। हर हिस्सा आखों के बीच था, ठहर-ठहरकर देखता गया।
कुछ पल बाद मैंने अपना लंड सुमन की चूत में घोंस दिया, फिर तगड़ा झटका दिया।.
लन्ड अचानक से फुद्दी में जा धंसा, बिना कोई रुकावट के।.
जब मैंने सुमन को बार-बार चोदा, तब उसे कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई।.
सिसकियों के बीच सुमन के होठों से धीमे-धीमे आवाज़ें छूटने लगीं। उह, अर्र, हम्म, ओह - ऐसे शब्द बाहर आने लगे थे।.
तेजी से मैंने सुमन पर हलचल शुरू कर दी।.
फिर अचानक दरवाज़े पर धमाका हुआ।.
चाची संगीता, वो ही तो थीं जो सुमन के परिवार में आदर की नज़र से देखी जाती थीं।.
डरे नहीं हम, पूरा क्रम बनाए रखा।.
कुछ देर में चाची सीधा कमरे में घुसी। वह जोर से बोली, तुम दोनों को ऐसा धुन में डाल रखा है कि किसी और की बात दिमाग में नहीं आती।
अचानक चाची का ज़ोर से बोलते देख, हम एक तरफ हट गए। फिर चादर को ऊपर खींच लिया।.
थोड़ा सा तनाव उसके चेहरे पर दिख रहा था।.
दोनों का मुँह बंद रहा।.
सुमन ने पूछा, "क्या बात है, चाची?" चाची बड़बड़ा रही थीं। उनका कहना था कि वो शादीशुदा हैं, फिर भी आनंद नहीं पा पा रही हैं। इधर, एक अनविवाहित लड़की पूरा आनंद ले रही है।?
चाची के मन में भी चूत चुदाई करवाने की इच्छा थी।.
वो बोली, तेरे चाचा को इतनी देर से पुकार रही हूँ। फिर भी वो नजर नहीं आते। शरीर जल उठा है मेरा।.
दोनों को यह सुनकर हैरानी हुई, जुबान पर कोई शब्द ना आया।
थोड़ी देर बाद Xxx चाची ने पूछा - क्या आप लोग मेरे साथ होंगे?
हाँ चाची, हम मदद जरूर करेंगे - सुमन और मैं एक साथ बोल पड़े। आपने हमें कई बार साथ दिया है।
चाची के सवाल में था भरोसे का एहसास - वाकई मदद करोगे मुझे?
बोले - ज़रूर चाची, हाँ!
फिर संगीता चाची बोली, आँखों में शरारत लिए - मुझे भी इसमें जगह दे दो। पहले से ही मेरी योनि प्यासी है, चढ़ाई का इंतजार नहीं कर रही। सुमन के साथ-साथ मेरे ऊपर भी तुम अपना घंटा फेर लो।.
सिर्फ इतना हुआ कि मैंने सुमन की ओर ध्यान दिया, वह भी मेरी तरफ।.
सुमन बोली, चाची जी, ये तो गलत है। ऐसा हो पाएगा कैसे?
चाची बोली, मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या कह रही हूं या क्या कर रही हूं। सिर्फ इतना जरूरी है कि मेरी चुदाई हो जाए। वैसे भी, अगर तुमने साथ न दिया, तो मैं किसी और को पकड़कर वही करवा लूंगी। सुमन ने खामोशी से सोचा, फिर धीरे से कहा, ऐसा ही कर लें, मैं तब बाहर चली जाऊंगी।.
वह मेरी ओर इशारा करके बोली – अर्जुन भई, चाची के संग वैसे ही पड़ जाना जैसे मेरे संग करते हो।!
हाथ उसके हाथ में आ गया, मन में जोश सा दौड़ गया। मैंने सुमन से कह दिया - चाची के साथ ऐसा तभी होगा जब तुम पास होगी।
चाची पहले से तैयार थी। हाँ कहने में सुमन ने ज़्यादा वक्त नहीं लगाया, उसके साथ अभी तक कुछ ख़ास नहीं हुआ था। एक बार जब दोनों ने हामी भर दी, मैंने सुमन को गले से लगा लिया। फिर मैंने उसके होंठों को छू लिया।.
इतने में वो खुद भी सभी कपड़े उतारकर, सुमन की तरह बिल्कुल नंगी हो गई। फिर वो मेरे पास आई, मेरा चेहरा पकड़ा, धीरे से चुंबन किया।.
अब मेरे सामने दो लड़कियों की गुप्त जगह थी।.
लन्ड को उछाल आने लगी।.
उस पल चाची को समेटते हुए मैंने उनके गाल पर होंठ रख दिए।.
उसके बाद सुमन ने बिस्तर पर जा कर आराम कियa।.
चाची ने सुमन को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। उसके बाद मैंने पीछे से आकर चाची की जांघों के बीच घुसपैठ की।.
कई दिनों में किसी ने उसकी चूत को छुआ नहीं था, पोर्न चाची की गुदा अब बहुत कसी हुई रहती।.
फिर चाची आवाज़ें निकालने लगीं, मैंने तेजी से संगीता चाची पर हल्के-हल्के झटके देना शुरू कर दिया।.
ख़ुशी का एहसास होने लगा था।.
कुछ देर बाद चाची ने भी हिलना शुरू कर दिया। पंद्रह मिनट के बाद वो सब कुछ छोड़कर लेट गई।.
सुमन के भीतर अचानक एक तूफान सा उठ खड़ा हुआ।.
उसने चाची को एक तरफ हटाया, मुझे धक्का दिया और बिस्तर पर लिटा दिया। फिर वह मेरे ऊपर आ गई।.
वह मेरा लंड पकड़कर अपनी गुद में डालने लगी, फिर ऊपर-नीचे होते हुए सिसकने लगी।.
मैंने तेजी से ऊपर की ओर धक्का दिया।.
कुछ देर के बाद, चाची को पीठ के बल बिछा दिया। सुमन को उनके ऊपर, पेट के बल डाल दिया गया।.
दोनों के बीच सब कुछ इस तरह घुल मिल गया।!
खड़े होकर मैंने अपना लंड उन दोनों की चूत के बीच ले जाकर रगड़ा।.
मेरा लंड Xxx चाची की चूत में जा घुसा, फिर मैंने तेज-तेज हिलाना शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद मैंने चाची की चूत से अपना लंड निकाला और गर्लफ्रेंड की फुद्दी में घुसेड़ दिया और उसे जम कर चोदने लगा।
हमने ढेर सारा वक्त एक-एक करके पोजिशन बदलते हुए निकाल दिया। थकान ने धीरे-धीरे जगह खुशी में छोड़ दी।.
वह तो पूरा कमरा हिल रहा था। सुमन के होंठ काँप रहे थे, संगीता की आँखें बंद थी। खुशी उनके चेहरे पर छा गई।.
उस दिन हमने फिर से मिलकर यही करने की बात कही, चुदाई वहीं खत्म हो गई। मैंने दोनों को चूमा, चाटा, फिर घर चला आया।
यारों, ये थी कहानी सुमन की, जिसमें उसकी चाची भी शामिल थी।.
आशा है कि Xxx चाची पोर्ण कहानी आपके मन को स्पर्श कर गई हो।.
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