पत्नी का दोस्त उनके घर आया । कमरे में तीनों एक साथ जुड़े। अशलील खेल के बीच वे लोग उलझ गए।
शादी की पहली रात में ही मुझे एहसास हो गया कि मेरी पत्नी का अतीत घूमा-फिरा है। उसने पहले कई लड़कों के साथ संबंध बनाए थे। मैंने सीधा सवाल किया, तो वह झट से मान गई।.
मेरा नाम मीत है, दोस्तो। ये कहानी है मेरे सफर की, जो मैंने खुद झेला। मुंबई में मैं काम किया करता था।.
तीन साल पहले मैं रीता (बदला हुआ नाम) से जुड़ा।.
उस वक्त मैं तीस साल का हो चुका था। पत्नी की उम्र इकीस साल थी, जिस समय यह सब हुआ।.
उसका घर सूरत के पास बसे एक छोटे से शहर में था।.
मेरी पत्नी की यह कहानी है, Xxx वाइफ बॉयफ्रेंड सेक्स स्टोरी।.
लड़कियों के साथ मेरी हर छुआई में तेजी रहती थी। पीछे से घुसाना मुझे सबसे ज्यादा पसंद था।.
शादी के पहले रात, जैसे-जैसे आगे बढ़ा, मन में सवाल उठा। रीता के साथ यौन संबंध बनाते समय ऐसा लगा, कहीं वो पहले भी किसी के साथ न हुई हो। फिर धीरे-धीरे एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। व्यवहार में छोटी सी बात ने शक को और बढ़ा दिया। खुद से इनकार नहीं किया जा सकता था।.
हर बार जब मैं उसके साथ सेक्स करता, तो वो खुद ही आगे बढ़कर लंड चूसने लगती। घटना ऐसे होती कि वो पूरी तरह उत्तेजित हो जाए। अगर कभी कोई दोस्त आ जाए या फोन पर बात करे, तो रीता ध्यान देने लगती। वो पूछती - ये कौन है, इधर क्या बोल रहा है।.
कभी-कभी रीता के दिमाग में यह ख्याल आता था कि वह मेरे साथियों के साथ शारीरिक संबंध बनाए।.
एक ऐसे पल की कहानी है, जब सुहागरात का अंधेरा हमें घेरे।.
उस रात जब मैं ग्यारह बजे कमरे में पहुँचा, वो तुरंत उठ खड़ी हुई। छाती से लिपट गई, बिना कुछ बोले।.
उसके सिर को हल्के से अपनी गोद में ले आया। फिर चादर ओढ़ाते हुए पलंग पर जगह दी।.
दरवाज़े को अंदर से बंद करना हमें पूरी तरह नज़रअंदाज़ हो गया, ऐसा इसलिए क्योंकि हम दोनों चुंबन में खो गए थे।.
सभी घर पर मौजूद थे।.
सामने सड़क पार हमारा बेडरूम था।.
उसके स्तनों को मेरी मुट्ठियों में भरकर दबाव डाला।.
मज़े से रीता मम्मे मसल रही थी।.
थोड़ी देर के बाद मेरी टी-शर्ट उतार दी, फिर चड्डी भी।.
उसके सारे कपड़े मैंने खुद हटा लिए।.
उसकी उंगलियाँ मेरे लंड पर आईं, फिर तेजी से हिलने लगीं।.
लंड मुझे पूरा सीधा होकर छह इंच तक पहुँच गया।.
सीधे-सीधे कहें तो वो लंबा स्कॉटिश आदमी था।
शायद उसने पहले कई बार ऐसा देख चुकी थी, सो मेरे काले लौड़े को देखकर हैरत नहीं हुई। न तो घबराई, न आँखें फिरा लीं।.
मैंने उसके होठों को खुद पर महसूस किया, फिर वो धीमे-धीमे आगे बढ़ गई। उसकी जीभ ने एक सरस छेड़छाड़ शुरू कर दी।
क्या पता था, इस बदमाश औरत के साथ ऐसा होगा।.
फिर भी, बेहतर है। कम से कम एक मिल गई जो लंड चूसती है।.
शायद पिछला हिस्सा भी खत्म करवाने पर तुला हो।.
मैंने आराम से अपनी मोटी चितल को चूसवाना शुरू कर दिया।.
थोड़ी ही देर में मेरे लंड ने अपना जवाब दे दिया, फिर पानी सीधे उसके मुँह में आ गिरा।.
रीता को जैसे आग लग गई थी। फिर बोली मीत की ओर देखकर - अबे, ऐसे कैसे? पूरा समय तो है।!
एक दिन यह बात समझ में आई कि पत्नी को ऐसा लंड पसंद है जो खूब लंबा हो।.
उसकी उंगलियां मुझे तेजी से छूईं, फिर वह नीचे मुड़ गई।.
लंद से मेरा माल बाहर आ रहा था, तो उसने चाटना शुरू कर दिया।.
पांच मिनट बाद भी उसके तरीके ने मेरे लंड को खड़ा कर दिया।.
रीता ने मुस्कुराते हुए लंड पर होठ फेरने शुरू कर दिए। मेरी उँगलियाँ उसके स्तनों पर धीमे-धीमे घूमने लगीं।.
पीठ पर जीभ फिरने लगी।
पूछ बैठा मैं - तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है पहले?
सुनते ही रीता का मन डगमगा गया, फिर वो मौन पड़ गई।
उसने अभिनय शुरू किया - आज पहली बार मेरे साथ सिर्फ़ जानू ही ऐसा कर रहा है।.
मुझे लगा, ये कहकर वो मज़ाक उडा रही है। हर उस आदमी को वो प्यार से पुकारती होगी जिसके साथ सोती है।.
फिर मैंने उससे कहा। वो बोली, "कसम खाओ कि गुस्सा नहीं करोगे!"!
उस दिन मैंने कहा – रीता, ऐसा तो आजकल हर जगह हो रहा है, युवा लड़के और लड़कियाँ इसमें उलझे रहते हैं। थोड़ी देर बाद वह खुलकर बोली – पहले मेरा एक लड़के से संबंध था, जिसका नाम रवि था।.
सवाल मैंने सीधा किया - उसने तुम्हें कितनी बार सोए। हर बात खोल दो… मुझे कोई तकलीफ नहीं। मेरे ज़माने में मैं भी आठ-दस के साथ वैसे ही झगड़ चुका हूँ।.
रीता के मन में आवाज़ गूंजी, और वह बिल्कुल शांत हो गई।.
एक दिन मैंने सुना कि मेरी पत्नी ने तीन लड़कों के साथ संबंध बनाए थे।.
तब तक हम दोनों का संबंध शुरू हो चुका था।.
मेरा लंड उसकी चूत के ऊपर रखा हुआ था।.
उसने जब बताया कि तीन लंड उसकी चूत में घूम चुके हैं, मुझे गुस्सा आ गया। फिर मैंने एकदम से अपना लंड उसके भीतर धँसा दिया।.
उसके मुँह से निकला - ऊऊह मर गई… और आवाज़ कांप रही थी।.
मैंने कहा था - लंड से अब तक किसी की मौत नहीं हुई। साली रांड को ऐसा ज़च रहा है, मानो पहली बार कुछ हो रहा हो। आह… कुतिया, इतना क्यों चीख रही है?
थोड़ी देर बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में आराम से कबड्डी खेलने लगा।.
उसकी पत्नी ने दोनों टांगें ऊपर उठा ली थीं। गाती हुई बोली - ओह, मुझे छू लो… मुझे छू लो!
तब मैंने भी ऊपर-नीचे हिलाना जारी रखा।.
मज़े से रीता को चुदाई पसंद हो गई।.
उसकी चूत पहले ही ढीली पड़ चुकी थी। मगर मेरा लंड भीतर घुसते-घुसते अटक रहा था।.
उस रात हम दोनों ने मिलकर चार बार पूरा आनंद लिया।.
उसके पति को लगा कि उनकी पत्नी के शरीर में जो दरार है सोच से अधिक चौड़ी है।.
जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी गांड में डाला, वो अंदर घुस गया, ऐसा लगा जैसे उसे पहले भी कई बार यही हुआ हो।.
शायद उसने पहले ही अपनी गांड में किसी गधे के बड़े लंड को सहा था। फिर हम दोनों ने एक साथ करीब 20 मिनट तक गांड में धुन्ने का आनंद लिया।.
उसकी पत्नी जब कुछ करती, तो टांगें ऊपर कर लेती।.
रस धीमे से उसकी पुद्दी के किनारे से बहने लगा।.
जब हम जुड़े हुए थे, तो मैंने सवाल किया - पिछला साथी तुम्हें कैसे छुआ करता था?
उसकी बीवी ने कहा - वो लौड़ा मेरी चूत में रखते, साथ में एक उंगली पिछले रास्ते में भी घुसा देते। बात सुनते ही मैंने अपना धड़ा मजबूती से आगे-पीछे करना शुरू कर दिया।.
थोड़ी देर में ही रीता के पैरों से पानी छूटने लगा।.
मैंने लौड़ा हटाया, तो रीता के चेहरे पर गर्म छींटे आए। फिर वो खुद उसके मुँह में समा गया।.
एक दिन से रीता को ये हरकत सूझने लगी।
उसकी तरफ से हल्का झुकाव हुआ, मैंने भी किनारे से सहारा लिया।.
उसके पति को लगा, बीवी के शरीर में इतनी तपिश है कि उसका संयम टिक नहीं रहा।.
रीता ने कहा - मेरे प्रेमी से ज़्यादा करवा दो, विनती है।!
मैंने कहा - चलो, जब मन करेगा तब कुछ न कुछ सजोड़कर खेल लेंगे।.
तभी मेरी पत्नी बोली - जब हम उसकी मां के घर जाएंगे, तुम समझदारी से काम ले लेना।.
मन में यह ख्याल आया कि रीता को चुदवाना।.
फिर रीता ने कहा, घर में सिर्फ हम दोनों रह जाएंगे जब मम्मी चली जाएंगी। पापा तो गुजरात में काम करते हैं।.
रीता ने कहा - तुम रवि या कोई दूसरा बुलाकर ले आओ। मैं कमरे में अंदर होऊंगी, बिल्कुल नंगी। शराब पीने के बहाने उसे पानी के लिए भीतर भेज देना। मौके पर मैं बिस्तर पर पड़ी रहूंगी, बिना कपड़ों के। जब वह देखेगा, तो उठ खड़ा होगा, चुदाई को तैयार। .
उस दिन हमने सोचा, कुछ बदलाव करें।.
थोड़े दिन बीत चुके थे, फिर हमने सफर शुरू कर दिया। मैं अपनी ससुराल के आंगन में खड़ा था।.
अभी-अभी नहाकर बैठे थे कि पड़ोस से एक लड़का गुजरा, मेरी ओर घूरते हुए।.
फिर अचानक पत्नी ने उसे बुला लिया।.
मैं समझ गया.
घर में किसी लड़के को बुलाने का फैसला रीता ने किया।.
उसके कदम अटक रहे थे।.
रीता खुले दिल से उसके पास आने को कह रही थी।.
उसने मेरी ओर देखा, फिर कहा - ये सुनील है, जानू।.
उठकर सुनील ने कहा, मुझे किसी ज़रूरी काम से बाहर जाना है।.
उसकी तरफ मुड़कर बोला - शाम को आना, हम पास-पास रहेंगे।
उसने हां कही, फिर चला गया।.
उसी पल मेरी Xxx पत्नी, जो पास बैठी थी, ने मेरे लंड पर हाथ डाल दिया। फिर आराम से उसे छूने लगी।.
उसके मुंह से निकला - आज सुनील ही मेरा ध्यान रखेगा, है न?
मैंने हां बोला.
एक शाम को पत्नी ने मुझे कमरे के अंदर खींच लिया। फिर धीरे से कपड़े हटाए। उसके बाद मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई। अब वह मेरे पास बैठ गई। उसने आगे बढ़कर सब कुछ संभाल लिया। अब उसके हाथ मेरे ऊपर थे। अब उसके होंठ काम कर रहे थे।.
सिर्फ तब ही सुनील वापस पहुँचा, दरवाजे का होना खुला उसे सीधे बेडरूम तक ले आया।.
उसने रीता को पुकारा, हालांकि मैंने ध्यान नहीं दिया।.
उधर रीता मेरा लौड़ा चूस ही रही थी, इसलिए वो अपने दोस्त की बात ध्यान से नहीं सुन पा रही थी।.
उसकी पत्नी की साड़ी भी हल्के से ऊपर उठ चुकी थी। सब कुछ धीरे-धीरे घटित हो रहा था। सुनील खड़ा था, आंखें फैली हुई थीं।.
अचानक रीता की नजर सुनील पर पड़ी। फिर उसने मेरे लौड़े को कपड़े से छिपा लिया।.
उस वक्त तक सुनील हर चीज़ को ध्यान से देख लिया था।
उसने जैसे ही मेरा नाम लिया, पत्नी बोली - अरे सुनील, इतनी देर से? चलो, घर के अंदर आ जाओ।!
अचानक मैंने अपने कपड़े सम्भाले, मानो कुछ याद नहीं। बस, थकान बहुत हो गई है, सो जाऊँगा, ऐसा बोल दिया। झूठ था सब। पलंग पर जाकर लेट गया। आंखें पटककर खर्राटे भरने लगा।.
सुनील ने मेरी पत्नी से कहा, "एक बार तुम मुझे छूने देना।" !
पैंट के ऊपर से ही सुनील का लौड़ा तना हुआ नजर आ रहा था।.
सुबह के उजाले में रीता ने सुनील का लंड हाथ में लिया। धीमे-धीमे उसकी त्वचा पर हथेली फिर गई। एक सांस छूट गई, जैसे कोई बोझ उतर गया हो।
अचानक उसने यार की पैंट का बटन खोल दिया।.
उस दिन सुनील के कपड़ों के नीचे कुछ गायब था।.
जहाँ तक नजर गई, वहाँ सिर्फ बाल ही बाल दिखे।.
मुँह में लंड के साथ, वो बहुत लंबी झांटों को चूस रही थी।.
दूध निकालते हुए सुनील के हाथ काँप रहे थे।.
एक हाथ से उसने मेरी पत्नी की साड़ी खोल दी।.
फिर ब्लाउज निकाला
उसने ऐसे-ऐसे कदम उठाए कि धीरे-धीरे रीता, मेरी पत्नी, बिल्कुल नंगी हो गई।.
उसके कपड़ों को रीता ने भी हटा लिया।.
उनके कपड़े धीरे-धीरे फर्श पर आ गिरे। उलझे हुए सांसों के बीच में मुंह मुंह पर आता रहा।
सुनील का लौड़ा मोटा था, गहरा रंग का। पत्नी ने होठों से उसे पकड़ने की कोशिश की। लंबाई लगभग 7 इंच थी। अंदर तक जाने में दिक्कत हुई।.
उल्टी शुरू हो गई, जब रीता ने लंड खाना चाहा।
रीता जब टॉयलेट के लिए गई, तभी सुनील ने पत्नी को चूम लिया। हाथ छाती पर फेरने लगा, जैसे कोई भूखा बच्चा हो।.
थोड़ी देर में ही उनका पसीना छूटने लगा।.
चुदाई होने लगी.
सुनील ने मेरी पत्नी को तेजी से धकेलते हुए कहा - तेरे आदमी को क्या खयाल आएगा, जब वो जानेगा कि तू किसी और के संग है।!
रीता ने कहा - उसके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकलेगा।.
सुनील बोला - इतना सवाल क्यों?
आवाज़ सुनकर पलटा मैं, रीता खड़ी थी वो।.
मुझे उठना पड़ा.
सुनील उस पल मेरी पत्नी के ऊपर था, धीमे-धीमे झुक रहा था। उसके चेहरे पर लालिमा छा गई थी। मैंने रीता की ओर देखा, फिर बोला - जब हम तीनों एक साथ यौन संबंध बनाएंगे, तो तेरे प्रेमी की घबराहट गायब हो जाएगी।.
उस पल में ही वो हाँ कर चुकी थी, मेरी पत्नी।.
खड़ा होकर पत्नी के पास पहुँचा, तभी उसने मेरे लिंग को हाथ में लिया और सूखी जीभ से चाटना शुरू कर दिया।.
आगे झुकी पत्नी के भीतर किसी और का लंबा धर्म आ-जा रहा था।.
थोड़ी देर बाद मेरा लंड सख्त हो उठा।.
उसके स्तन दबाते हुए मैंने कहा - आज तेरी सैंडविच सेक्स करते हैं
उठकर सुनील ने मेरी पत्नी के ऊपर से जगह छोड़ दी। फिर हम दोनों तीनों एक साथ चुदाई की मुद्रा में आ गए।.
मेरी पत्नी ने सुनील के बेटे के लिंग को अपनी योनि में डाला, फिर वह ऊपर बैठ गई।.
उसकी पीठ के पीछे होते हुए मैंने अपना लंड उसकी गांड में घुसा दिया, फिर झटकों भरी चुदाई शुरू हो गई।
थोड़ी देर में सुनील का पसीना छूट गया। उसका लंड मेरी बीवी की चूत से बाहर आ गया। फिर वह एकदम अलग हो लिया।.
मैंने अब रीता की चूत में लंड डाला, फिर तेजी से हिलाया।
थोड़ी देर में वह भी टूट पड़ी, मेरा संतुलन छिन गया।.
तीनों ने उस दिन चार बार सेक्स किया।
अब मेरी बीवी अपने बाकी बचे यारों से चुदाई करवाने के लिए कह रही है.
अगली बार मैं उनके साथ हुई चुदाई की कहानी पर कुछ लिखूँगा।.
इस कहानी के बारे में तुम क्या सोचते हो, वो मुझे बताना।.
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