मुक्त हिंदी कहानी चूत की चुदाई में एक बार बस में एक विधवा लड़की से दोस्ती हुई। वह मेरे शहर में काम करने के लिए आई थी और घर खोज रही थी। उसे मेरे घर में रहने को कहा।
हाय, मैं धीरज हूँ और पुणे में रहता हूँ।
मेरी उम्र 24 वर्ष है और मेरा कद 5 फुट 11 इंच है।
मैं जिम जाता हूँ क्योंकि मैं काफी फिट हूँ।
मेरे परिवार का कोई सदस्य नहीं है।
मैं दसवीं में था जब मेरे माँ-पापा मर गए।
बाद में मैंने अपने पिता की स्टील के बर्तनों की दुकान चलाई।
महीने में 9 से 10 लाख रुपये का मुनाफा मिलता है।
मैं अपनी चूत की चुदाई की मुफ्त हिंदी कहानी से शुरू करता हूँ।
मैं 22 साल की उम्र में बस से आ रहा था।
मैं बैठे-बैठे सो गया क्योंकि छूटने में समय था।
जब उसकी आँखें थोड़ी देर में खुलीं, तो देखा कि पूरी बस भरी हुई थी।
एक बहुत सुंदर लड़की मेरे बगल में बैठी थी।
मैं बाहर खिड़की से देख रहा था।
रात के आठ बज गए थे।
तब उसने खिड़की वाली जगह मांगी।
“मुझे घुटन हो रही है!” उसने कहा।
मैं अपनी सीट बदल गया।
वह बैठकर मुझे धन्यवाद दी।
फिर पूछा, "पुणे जा रहे हो?"
“हाँ!” मैंने उत्तर दिया।
मैं अपने फोन चलाने लगा। “वहाँ के हो?” वह फिर पूछा।
“हाँ, वहीं का हूँ!” मैंने फोन बंद कर दिया।
“क्या आप भी पुणे की रहने वाली हैं?” मैंने पूछा।
“हाँ!” उन्होंने कहा।
“तुम पुणे में कहाँ रहते हो?” मैंने पूछा।
“अभी तक तो अपने पति की कंपनी के क्वार्टर में रहती थी, अब कहीं और रहूँगी,” उसने कहा।
“क्यों?” मैंने सवाल उठाया।
“मेरे पति की मृत्यु हो गई है!” उसने कहा।
“सॉरी!” मैंने आवाज दी।
“नहीं, तुम क्यों सॉरी बोल रहे हो?” उसने पूछा।
मैंने कहा, "अपने मम्मी-पापा के पास चली जाओ!"
“मैंने और मेरे पति ने भागकर शादी की थी, 6 महीने पहले!” उसने कहा। दोनों घरवालों ने अपना संबंध तोड़ दिया है। दिल्ली से हैं!
मैंने उनसे उनके नाम पूछा।
“हर्षा!” उन्होंने आवाज दी।
फिर उसने कहा, “अपने बारे में बताओ!”
मैं सब कुछ जानता था।
“तुम अकेले रहते हो? पिताजी और माँ की मृत्यु के बाद?
“हाँ!” मैंने उत्तर दिया।
“तुम्हारा तो बिजनेस जम गया है!” उसने कहा।
“तुम मुझे पुणे में एक फ्लैट ढूँढ दो!” उसने कहा।
“हाँ!” मैंने उत्तर दिया।
वह सिर्फ एक ढाबे पर रुकी।
वह और मैं बाहर निकल गए।
बस में कम लाइट थी, इसलिए मैं उसे पूरी तरह से नहीं देख पाया।
बाहर प्रकाश में वह बहुत सेक्सी लगी।
उसकी हाइट पांच फुट चार इंच थी और उसकी बॉडी बेहतरीन थी।
मैं एक टेबल पर उनके साथ खाना खाने बैठा।
मैंने उनका बिल भी भरा।
फिर हम रात को एक बजे तक बस में बैठे रहे।
हम बहुत पुराने दोस्त की तरह बात कर रहे थे।
हम अगले दिन सुबह पुणे बस स्टेशन पर उतरे।
“आपका रूम कहाँ है?” मैंने पूछा।
वह बता रही जानकारी मेरी कंपनी की थी।
उनके साथ कैब में चलने को मैंने कहा।
हम बस में चले गए।
मैं उनकी उम्र पूछने लगा।
उस समय वह २४ की थीं और मैं २२ की।
फ्लैट के बारे में पूछा।
“अपना नंबर दे दीजिए, मैं बता दूँगा!” मैंने कहा।
उनका नंबर और इंस्टा आईडी दोनों दिए गए।
मैंने उन्हें छोड़कर सीधे कंपनी में काम किया।
फिर घर गया, खुश हुआ और अकाउंट्स को देखा।
मैंने हर्षा का Instagram ID चेक किया।
उनके खाते में साठ-पचास लोग थे और यह निजी था।
अधिकांश लड़कियाँ थीं।
वह बस में कुर्ती पहनी हुई थी, जब मैं उनकी पोस्ट देखा।
मैं शाम को अपने घर के पास एक इमारत में गया।
हमारा क्षेत्र शहर से थोड़ा बाहर था, इसलिए फ्लैट्स की कीमतें कम थीं।
20 लाख में एक फ्लैट मिल गया।
रात आठ बजे मैंने हर्षा को फोन करके फ्लैट के बारे में बताया।
“घर पर आ जाओ, यहीं बात करेंगे!” उसने कहा।
मैं उनके क्वार्टर गया, अपनी बुलेट लेकर।
उनके घर में खाना बनाया गया था।
खाना खाने के बाद मैं उनके साथ खाना खाने गया।
वन-पीस पहना था।
फ्लैट उन्हें पसंद नहीं आया।
कैसा चाहिए, मैंने पूछा।
“घर मिले तो बताना, फ्लैट में बहुत झमेला है!” उसने कहा।
“किराए पर चलेगा?” मैंने पूछा।
“हाँ!” उन्होंने कहा।
मैंने उन्हें अपना घर बताया और उन्हें वहाँ ले गया।
मेरा घर 3 बीएचके का है।
“गेस्ट की तरह रहने में दिक्कत तो नहीं?” मैंने पूछा।
“ठीक है,” उसने कहा।
वे पैसे की मांग करते थे।
“जो आपका मन हो, दे देना!” मैंने कहा।
“मैं कल ही शिफ्ट हो जाऊँगी!” उसने कहा।
मैंने उन्हें घर से निकाला।
उसने अगले दिन तीन बड़े बैग लाए।
घर पर मैं खाना बना रहा था।
डोरबेल उठकर हर्षा को देखा।
उन्होंने चश्मा लगाया था, घुटनों के ऊपर वन-पीस पहना था।
मैंने उनकी चीजों को कैब से निकालकर अंदर लाने में उनकी मदद की।
उन्हें नीचे की कोठरी दी गई।
वह अपने कमरे में सामान व्यवस्थित कर रही थीं।
Mead ने उनकी सहायता की।
“भाभी अच्छी हैं!” मेड ने कहा जब वह पहुंची।
वह मुझे बताने से पहले चली गई।
मैंने हर्षा को फोन किया और खाना टेबल पर रखा।
“भाभी, आपने मेड से कुछ कहा?” मैंने खाना खाते समय पूछा।
“अरे, मैं तुम्हें भाभी लगती हूँ क्या?” उसने पूछा। “हर्षा!”
“ठीक है!” मैंने जवाब दिया।
“हाँ, मेड पूछ रही थी,” उसने कहा। मैंने कहा कि मैं तुम्हारी प्रेमिका हूँ! मैंने कुछ गलत तो नहीं कहा? क्या कोई समस्या नहीं है?
“कोई बात नहीं, ठीक है!” मैंने कहा।
“अब मैं नई लाइफ शुरू करूँगी!” उसने कहा।
वह घर से काम करती थीं जब उन्हें काम मिल गया था।
“आज से खाना बनाने की टेंशन छोड़ दो!” उसने कहा। मैं सब संभाल लूँगी, मेड की भी जरूरत नहीं!
12 बजे वह अपने कमरे में गई और अपने लैपटॉप पर काम करने लगी।
4 बजे उनकी नौकरी समाप्त हो गई।
5 बजे मैं कंपनी गया और 10 बजे लौटा।
हर्षा ने खाना बनाया था।
हमने खाना खाने के बाद बोलने लगे।
यह कुछ हफ्तों तक चलता रहा। वह घर का काम करती और खाना बनाती थी, इसलिए मैं हर सुबह जिम जाता था।
मेड इसके बाद नहीं आई।
हर्षा ने कहा, “मैंने मेड बंद कर दी! मैं सब कुछ करूँगा!
अब वह मुझे पसंद आने लगी।
मेरे मन में उनके लिए भावनाएं बढ़ने लगीं।
वह इतनी नवीन होने के बावजूद अपने काम का पूरा ध्यान रखती है।
वह एक दिन बीमार हो गई।
मैंने उन्हें एक चिकित्सक से मिलाया और फिर वापस लाया।
मैंने तब पहली बार उन्हें छुआ था।
वह घर पर वन-पीस या टी-शर्ट और स्कर्ट हमेशा पहनती थी।
उनके कपड़े आधे थाइज़ को ढकते थे।
उनकी चिकनी थाइज़ मुझे तड़प गईं।
वह मेरे बहुत करीब आई और मुझसे प्यार करने लगी।
मैं एक दिन सुबह जिम से निकला।
वह भी कार्य करके बैठी हुई थी।
“तुमने बहुत अच्छी बॉडी बनाई है! क्या मैं भी जिम जाऊँगा?
“ठीक है!” मैंने जवाब दिया।
फिर नहाने के लिए कंपनी चला गया।
शाम पांच बजे उठा।
मुझे उनके साथ कपड़े लेने चलने को कहा गया।
उन्हें मैंने कार से निकाला।
मैं एक एंडेवर था।
मैं उनके साथ रवाना हुआ।
उनके पास जिम के लिए कपड़े थे, साथ ही घर के लिए कुछ कपड़े भी थे।
बाहर खाना खाने के बाद हम घर लौटे।
मैंने कार पार्क में प्रवेश किया।
हर्षा मुझे अपने कमरे में ले गई और कपड़े धोने लगी।
कपड़े खराब होने चाहिए थे। उसने अपनी थैली खोली और बेड पर रख दी। एक साड़ी, दो सूट और बाकी शॉर्ट ड्रेस बैग में थे।
उसने बैग को बंद करके कुछ कपड़े निकाले।
उसने घर के बाहर एक डस्टबिन में बाकी कपड़े डाल दिए।
उसे अगली सुबह छह बजे जिम ले गया।
मैं उनके लिए काम करने लगा।
जिम में अधिकांश लड़कियाँ थीं।
पहले दिन मैंने उन्हें बहुत छुआ।
9 बजे हम घर पहुंचे।
उन्होंने घर में काम किया और खाना बनाया।
हम दोनों 12 बजे अपने काम पर लग गए।
मैं कंपनी छोड़ दिया।
रात को खाना खाकर हम सब कुछ सोचते हैं।
इस प्रकार दो महीने बीत गए।
मुझे एक दिन अपने दोस्त की शादी में जाना पड़ा। शाम पांच बजे मैं तैयार था।
“साथ चलोगी?” मैंने हर्षा से पूछा।
“कोई पूछेगा, तो क्या बोलूँगी?” उसने पूछा।
मैंने कहा, "वही जो मेड ने कहा! कोई भी संदेह नहीं करेगा!
“ठीक है,” उसने कहा।
तैयार होने के लिए चली गई।
उसने एक काले साड़ी पहनी थी।
मैं भी एक ब्लैक सूट पहन रहा था।
कार से हम शादी में गए।
मैंने मेल और फीमेल से संपर्क किया था।
हर्षा को मैंने उनसे मिलवाया। सब लोग मेरे मजे लेते थे।
मेरी प्रेमिका दोस्तों ने हर्षा को अपने साथ ले गया।
मैंने शादी की तस्वीरें ली, खाना खाया और सबके साथ निकल गया।
मैं और हर्षा घर जा रहे थे।
तभी उसे मून व्यू आ रहा था।
वह वहाँ जाने की मांग करने लगी।
मैंने उसके साथ कार के बोनट पर बैठकर बात करने लगा।
“तुम बहुत अच्छी लग रही हो!” मैंने कहा।
“तुम भी!” उसने कहा।
“मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो!” मैंने उसका हाथ पकड़ा।
“मुझे भी अच्छा लगता है, पर तुम्हें मुझमें क्या पसंद आया?” वह थोड़ा डरकर पूछा।
“तुम इतनी सुंदर हो, हॉट हो, मेरा ख्याल रखती हो, और क्या चाहिए?” मैंने उसके हाथ पर किस किया।
उसके होंठों पर मैंने किस किया।
मुझे बाहर फेंकने लगी।
मैंने उसके गाल पर फिर से किस किया।
उसने अपने गाल लाल कर दिए।
मैं खड़ा हो गया।
मैंने हिम्मत रखी और सोचा कि उसे कुछ समय दूँगा।
हर्षा के साथ मैं पीछे की सीट पर बैठ गया।
मैं सो गया था।
द्वार खुला था।
मौसम गर्म था।
मैंने शर्ट और कोट निकाल दिया।
हर्षा मेरी गोद में बैठी थी जब मैं दरवाजे पर बैठा था।
मैंने उसके गले पर किस लगाया।
“आई लव यू!” हर्ष ने कहा।
मैंने भी कहा, “मैं तुम्हें प्यार करता हूँ!”
और किस करने लगा।
मैंने पूरी कार को लॉक करके रोमांटिक गाना बजाया।
बिना उसे बताए, मैंने हर्षा की साड़ी ऊपर चढ़ा दी।
उसकी जाँघों से नीचे साड़ी नहीं थी।
मैंने पैंट के साथ अपने लंड को उसकी गांड में चिपका रखा।
हर्षा तैयार नहीं थी, इसलिए मैं उसे चोदने की सोच रहा था।
रात के दो बज रहे थे, हम रोडसाइड कार में प्यार कर रहे थे।
हम पूरी रात सोए रहे।
हर्षा मेरे हाथ में था।
सुबह पांच बजे मैं उठ गया।
हर्षा को मैंने उठाया और हम घर चले गए।
हम आज जिम नहीं गए हैं।
रविवार था, तो हर्षा छुट्टी थी।
हमने भोजन किया।
12 बज चुके थे।
मैंने हर्षा को घर के गेट पर ले गया और कार में एसी लगाकर उसके साथ बैठ गया।
हर्षा ने मुझे किस किया।
उसने स्कर्ट और टी-शर्ट पहनी थी।
मैं शॉर्ट पहने हुए था और अंडरवियर नहीं पहना था।
कार में हम सो गए।
शाम 7 बजे खाना ऑनलाइन खरीदकर खाकर फिर कार में चले गए।
हर्षा सिर्फ किस करती थी और लिपटकर रहती थी।
हम फिर रात को कार में बैठे।
मैंने उसकी टी-शर्ट निकाल दी।
वह ब्लैक मिनी स्कर्ट और पिंक ब्रा में थी।
“सब कुछ करोगे मुझसे?” उसने पूछा।
मैंने हाँ कहकर उसे किस किया।
हमारा प्यार सिर्फ तीन महीने में हुआ था।
मैं उसकी स्कर्ट के अंदर से उसकी गांड दबा रहा था और उसके बड़े-बड़े बूब्स पर हाथ फेर रहा था।
मैंने इसके बाद अपना शॉर्ट नीचे किया।
कार की रोशनी off थी।
मैंने उसकी गांड की दरार में अपना लंड डाला।
पैंटी बीच में थी।
मैंने इसे अंदर डालने की कोशिश नहीं की।
मैंने उसकी स्कर्ट को पूरी तरह ऊपर कर दिया।
Harsha को पता चला; वह मना कर रही थी।
मैंने उसे ऊपर-ऊपर से बुलाया और ऊपर से ही किया।
हर्षा चलती रही।
मैं उसके बूब्स को दबाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह नहीं कर रही थी।
मैंने उसे पेट के बल लिटाकर उसके ऊपर लेट गया और उसकी पैंटी एक तरफ कर दी।
मैं उसकी गांड से अपने लंड को चिपकाकर आगे-पीछे होने लगा।
हर्षा ने मुझे गांड में डालने से रोका।
मैं भी जबरदस्ती नहीं करता था।
मैं जानता था कि वह देर से देगी, मेरी है।
मैंने बस इतना किया।
40 से 45 मिनट बाद मेरा सामान बाहर निकल गया।
हर्षा की बड़ी गांड पर एक महीने का सारा माल था।
उसकी टी-शर्ट से मैंने अपना वीर्य साफ किया।
हम फिर अपने कमरे में सो गए।
मैं अगले दिन एक सप्ताह के लिए चेन्नई जाना था।
मैं निकल गया।
जब वह वापस आया, तो तीन से चार दिन तक कंपनी में ही रहा।
बड़ा ऑर्डर था, इसलिए घर नहीं जा सका।
10 से 11 दिन तक हर्षा से सिर्फ मोबाइल पर बातचीत हुई।
ऑर्डर पूरा होने के बाद मैं मेडिकल स्टोर में कंडोम का डब्बा और सेक्स पिल्स ले गया।
जब वह घर गया, तो हर्षा अपने कमरे में सो गई।
रात हो चुकी थी।
भी मैं सो गया।
हर्षा ने अगली सुबह हॉल में केक मंगाया।
मेरा जन्मदिन था।
हम दोनों घूमने निकले, फिल्म देखी और एक होटल में गए।
शाम सात बजे खाना खाकर वापस आए।
मैं थक गया था और सो गया।
“तैयार होकर मेरे कमरे में आ जाओ!” हर्षा ने 11 बजे फोन किया।
आज मुझे लगता है कि कुछ मिल सकता है।
मैं नहाया, अच्छी तरह से तैयार हुआ और सेक्स करने के लिए पिल खा ली।
मैं फिर हर्षा के कमरे में गया।
लाइट बंद थीं।
जब मैं ऑन कर दिया, तो मैंने देखा कि हर्षा पीच कलर का लहंगा पहनकर बैठी थी।
मैं उसे देखकर पागल हो गया।
उसने लहंगा पहना था, सारी ज्वेलरी पहनी हुई थी और मेकअप भी किया था।
मैं जानता था कि लॉटरी लग गई है!
फॉर्मल में मैं था।
मैंने द्वार खोला।
Harsha ने कैंडल्स जलाईं, लाइट्स ऑफ कीं और AC चालू की।
“ये हमारी पहली सुहागरात है!” वह कहते हुए मेरे साथ बेड पर बैठ गई।
शादी के बिना सुहागरात मना रहे थे।
मेरे 23वें जन्मदिन पर मुझे सबसे बड़ा उपहार मिला।
मैंने उसके पैरों से पायल निकाली, उसका घूँघट उठाया और उसे चूमा।
उसके पैर मैं चूमने लगा।
फिर उसने नेकलेस, नाक की नथुनी और कानों की बाली निकाली।
उसे बेड पर लिटाया, हाथों से चूड़ियाँ निकाल दीं।
वह इतनी सुंदर लग रही थी कि मैंने उसके होंठ चूमकर काट लिए।
मैं अपनी शर्ट उतारा।
मैं उससे लिपट गया।
मैंने ब्लाउज़ निकालने लगा और उसके लहंगे की डोरी खोली।
बेड पर फूल फैले हुए थे।
अब मेरा लिंग पूरी तरह तन गया था और मुझे दर्द हो रहा था।
मैंने उसकी पैंटी और ब्रा निकालकर उसके बूब्स चूमने लगा।
मैं जोर से उसके बूब्स को मसल रहा था।
जिम ने उसे सुंदर बनाया।
उसे पहली बार नंगी देखा था।
मैंने अपना अंडरवियर और पैंट उतारा।
हम दोनों 20 से 25 मिनट में नंगे हो गए।
दस मिनट तक उसके बूब्स दबाने के बाद मैं उसकी चूत को देखने लगा।
मैं उसकी चूत में उंगली डालने लगा।
उसकी चूत गीली हो गई।
वह पूरी तरह से गर्म हो गई थी।
मैंने उसे मुँह में मेरा लंड लेने को कहा।
“नहीं, अच्छा नहीं लगता!” उसने कहा।
“एक बार ले लो!” मैंने कहा।
“एक बार ही!” उन्होंने कहा।
और मुँह में मेरा लिंग डाल दिया।
मैंने उसकी चोटी पकड़कर उसके मुँह में पूरा लंड डाल दिया।
निकालने का प्रयत्न करने लगी।
फिर उसने उसे बाहर निकाल दिया।
गोली का प्रभाव था।
मैंने उसकी बूब्स में मुँह डालकर उसकी चूत को चूमा।
मैं पूरे जोश में उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ रहा था।
5 मिनट तक रगड़ते रहो।
उसकी चूत इतनी गोरी थी कि उसके बाल लाल हो गए।
मैंने उसकी चूत के दाने को मसलना शुरू किया और धीरे-धीरे लंड डालने लगा।
उसकी पहली पत्नी का लंड शायद पांच से छह इंच का था।
उसकी चूत थोड़ी ढीली थी, लेकिन मेरा लंड बड़ा था, इसलिए मुझे हल्का महसूस हुआ।
मैंने एक बार धक्का देकर पूरा लंड उसके ऊपर डाल दिया।
हर्षा क्रोधित हो गई।
मैंने उसे पकड़ लिया।
मैं भी कुछ दर्द कर रहा था।
2 मिनट बाद मैंने मिशनरी पद पर धीरे-धीरे काम करना शुरू किया।
उसके बड़े-बड़े बूब्स मेरे दोनों हाथों से मसल रहे थे।
मेरा लंड नीचे चूत मार रहा था।
हर्षा ने दर्द भूलकर मोन करना शुरू किया।
थोड़ी देर में उसने स्थान बदलने की मांग की।
वह घोड़ी बन गई और मैं पीछे से उसकी चूत में चोदने लगा।
मैं उसे 30 मिनट से अधिक समय तक चोदता रहा।
उसका पसीना बह रहा था।
पूरे बेड में पानी भर गया।
“हो गया!” उसने कहा।
मैंने आज गोली भी खाई, और मेरा वास्तविक टाइमिंग ४० से ४५ मिनट था।
मैं चुपचाप उसकी चूत चाटने लगा।
मैंने उसे पांच मिनट में फिर से तैयार कर दिया।
वह गर्म तो नहीं हुई, लेकिन चुदाने का आनंद लिया।
उसे अपने ऊपर बिठाकर मैंने उसे चोदना शुरू किया।
मैं बहुत खुश था।
वह भी हिलने लगी और गर्म हो गई।
20 से 25 मिनट बाद वह फिर गिर पड़ी।
मैं उसे पकड़कर हिलाने लगा।
वह शांति से मोनिंग करती रही और फिर कूदने लगी।
उसकी चूत के ऊपर का हिस्सा मेरे लंड से उभरा हुआ था।
वह तीन बार गिर पड़ी।
मैं एक घंटे की चुदाई के बाद भी टिक गया।
मैं पानी पीता था।
“रुक जाओ, हो गया!” हर्ष ने कहा।
फिर वह अपने मुँह में मेरा लंड लेने लगी।
लेकिन मुझे चूत की जरूरत थी।
फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया।
वह क्रोधित होकर रुकने को कहती थी और पूरी तरह से पसीने से भीग गई थी।
मैंने उसे घोड़ी बनाकर दोनों चूतड़ों पर जोर से तमाचा मारा।
वह अधिक क्रोधित हो गई।
मैंने उसकी गांड को सहलाया।
फिर मैंने कंडोम को अपनी पैंट से निकालकर उसकी गांड के छेद में डालने लगा।
हर्षा ने मना कर दिया और उठने लगी।
मैंने उसे पीठ के बल लिटाकर उसे गर्म करने लगा, उसके होंठों को मुँह से पकड़ा और उसके चूत का दाना मसलने लगा।
उसे गर्म लग गया।
मैंने उसे प्यार दिया।
“चोद दो अब!” उसने आदेश दिया।
मैं उसके हाथ से उसके पैर पकड़कर गांड में डालने लगा।
“वहाँ मत करो!” उसने कहा।
पर मैंने आधा लंड डाला।
हर्षा चिल्लाने लगी।
उसके मुँह से इंग्लिश में गालियां निकल रही थीं।
जोश भी बढ़ा।
मैंने अपनी पूरी शक्ति लगाई और लंड डाला।
मेरा लिंग बहुत खुश था।
हर्षा पहले रोई, लेकिन फिर चुदने लगी।
मैं उसकी गांड को पीटता रहा।
हर्षा थक गई।
कुछ गलत हुआ।
मैंने लंड निकालकर चूत में डाला।
वह बेहोश हो गई।
मैं भी १०-१२ मिनट चूत में करने के बाद झड़ गया।
कंडोम निकालकर लंड को बाथरूम में धोया।
Harsha बेड पर पड़ी हुई थी।
मैं गिरकर उसे चूमने लगा।
मुझे पकड़कर वह रोने लगी।
मैंने उसकी गांड को देखा।वह न निकल रहा था, और उसकी चूत छिल गई।
उसे बाथरूम में ले जाकर मैं उसके साथ नहाने लगा।
उसकी चूत में तेल लगाने पर भी वह छिल गई थी।
ऐसे ही मेरी पहली चुदाई हुई।
आपको चूत की चुदाई की फ्री हिंदी कहानी कैसी लगी?